Saturday , September 22 2018
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पाक 1971 की पराजय के दर्द से उबर नहीं पाया है

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रमुख केके शर्मा ने बोला है कि पाक 1971 की लड़ाई में हिंदुस्तान से मिली पराजय के दर्द से अब तक उबर नहीं सका है. उन्होंने बोला कि बीएसएफ सीमा पर घुसपैठ बगैर उकसावे के की जानेवाली फायरिंग से ‘रक्षात्मक  आक्रामक’ दोनों तरीके से निपटने के लिए तैयार हैं.
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बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने बोला कि जम्मू सेक्टर में भारत- पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर ‘दोगुना से ज्यादा’ नुकसान करने के बाद भी ऐसी घटनाएं कम नहीं हुई हैं जिसमें आम लोगों, सैनिकों की जान चली जाती है  संपत्ति का नुकसान होता है.

शर्मा ने कहा, ‘मैं नहीं कह सकता कि (सीमा पार से) कब  कैसे बगैर उकसावे की फायरिंग  प्रयत्नविराम उल्लंघन होंगे, लेकिन हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘यदि बड़ा हमला होता है तो हम अच्छी तरह तैयार हैं  हम रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरीके से तैयार हैं.

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बीएसएफ प्रमुख ने कहा, ‘मैं एक वस्तु साफ करना चाहूंगा कि हम कभी ऐसे उल्लंघन की आरंभ नहीं करते  दूसरी तरफ से इसकी आरंभ होती है जिसके कारण हमें पलटवार करना होता है.

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खालिस्तान के बाद कश्मीर पर भी नाकाम होंगे 
शर्मा ने कहा, ‘वे (पाकिस्तान) 1971, जिसकी वजह से बांग्लादेश बना, की पराजय के दर्द से अब तक उबर नहीं पाए हैं  आईएसआई (पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी) के गठन का एकमात्र उद्देश्य हिंदुस्तान को बांटना था.’ शर्मा ने कहा, ‘उनकी पहली प्रयास खालिस्तान थी  वे नाकाम हुए. अब वे कश्मीर में प्रयास कर रहे हैं  वे नाकाम होंगे.

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