Saturday , September 22 2018
Loading...
Breaking News

पुलिस के हाथ लगे पत्रों से खुली पोल

रायपुर . नक्सल कैंप से मिले पत्रों से पता चला है कि बस्तर में नक्सली बेहद दबाव में हैं. वे एक दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं. नक्सली कह रहे है कि 2019 के चुनाव से पहले गवर्नमेंट हर स्थान से नक्सलवाद समाप्त करने पर तुली है. यह संकट की घड़ी है.

Image result for नक्सल कैंप से मिले पत्रों से पता

ऐसे में माओवाद, लेनिनवाद  मार्क्सवाद के सिद्धांतों पर टिके रहकर ही हम बच सकते हैं.पॉलिटिकल मिलिट्री स्कूल की सीख से सबक लेते हुए कठिन घड़ी में एक दूसरे को बचे रहने की सलाह नक्सली दे रहे हैं. पुलिस को ये लेटर दंतेवाड़ा जिले के एक नक्सल कैंप से मिले हैं.

Loading...

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष जनवरी में फोर्स ने दंतेवाड़ा, सुकमा  बीजापुर जिलों की सीमा पर स्थित डोडीतुमनार के जंगलों में छापा मारा था. एक पहाड़ी पर नक्सलियों का कैंप था. फोर्स जब वहां पहुंची तो नक्सलियों ने फायरिंग प्रारम्भ कर दी लेकिन जवाबी कार्रवाई में उन्हें मैदान छोड़कर भागना पड़ा. मौके से फोर्स को कुछ दैनिक उपयोग सामान, वायर आदि मिला. सबसे जरूरीसामान एक बैग में मिला. बैग में एक दर्जन से ज्यादा गोंडी भाषा में लिखे लेटर मिले.

loading...

नक्सल डिप्टी कमांडर भाग निकला

जिस कैंप पर पुलिस ने धावा कहा था वहां कवासी भीमा उर्फ सीतू मौजूद था जो फोर्स को देखकर भाग निकला. पुलिस को उसी का बैग मिला है जिसमें लेटर थे. 30 लाख के इनामी सीतू को नक्सलियों का बड़ा रणनीतिकार माना जाता है. वह भेज्जी  बुरकापाल समेत कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा.सीतू नक्सलियों की बटालियन नंबर वन का डिप्टी कमांडर है. उसने कुछ लेटर सेंट्रल कमेटी के रमन्न्ा  हिड़मा को भी लिखा है.

मुसीबत में एओबी डिवीजन

एक लेटर एओबी सप्लाई दलम की ओर से किसी कामरेड कुमारी को लिखा गया है. इसमें बोला गया है-आंध्र ओड़िशा बार्डर डिवीजन गंभीर कठिन में है. 2019 के चुनाव को देखते हुए फोर्स यहां लगातार दबाव बढ़ा रही है. रोज सर्चिंग ऑपरेशन हो रहे. लोगों को पकड़ रहे, मार रहे. हालत बहुत बेकार है. हमें मार्क्सवाद, लेनिनवाद, मोओवाद के सिद्धांतों पर आगे बढ़ना है, चाहे हालात कितनी भी उल्टा हो.

संघम सदस्य कार्य नहीं कर पा रहे

एक अन्य लेटर में कुमारी को ही संबोधित करते हुए लिखा गया है-भैरमगढ़ डिवीजन कठिन में है.वहां संघम सदस्य कार्य नहीं कर पा रहे हैं. समस्या के बीच वे माओवाद का प्रचार करने में जुटे हैं. एक लेटर में सीतू को संबोधित करते कामरेड कुंभा ने लिखा है कि मोबाइल बैटरी नहीं मिल रही है. इस शनिवार को मिलेगी तो भेजूंगा. अभी लेटर के साथ नौ सौ रूपए भेज रहा हूं. लाल सलाम. पुलिस अफसरों का कहना है कि मोबाइल बैटरी वे आईईडी में प्रयोग कर रहे हैं.

शादी की मत सोचो

कुमारी को लिखे एक लेटर में बोला गया है हमने पार्टी के लिए घर बार छोड़ दिया है. अभी घर लौटने विवाह करने की मत सोचो. समस्या है तो बैठक में रखो. बीमार हो तो दवा खा लो. हमें पॉलिटिकल मिलिट्री स्कूल की सीख याद रखना है. सर्दी, गर्मी, बरसात सब सहना है. शत्रु संघम को टारगेट कर रहे हैं. इस चुनौती से निपटना है.

इनका कहना है

नक्सली ऐसे लेटर आपस में एक दूसरे को दस्ती भेजते हैं. कि इन पत्रों से उनकी रणनीति का पता चलता है इसलिए ये बेहद जरूरी हैं. – डीएम अवस्थी, डीजीपी, नक्सल ऑपरेशन

Loading...
loading...