Saturday , January 19 2019
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पत्नी की सहमति के बिना संबंध बनाने को नहीं माना जाएगा रेप

गुजरात न्यायालय ने पत्नी के साथ बिना अनुमति के शारीरिक संबंध बनाने के मामले में निर्णयसुनाया है. न्यायालय ने सोमवार को बोला कि अगर कोई आदमी पत्नी की ख़्वाहिश के बिना शारीरिक संबंध बनाता है तो इसे बलात्कार नहीं माना जाएगा.

गुजरात न्यायालय ने बोला कि अगर पत्नी की आयु 18 वर्ष से ज्यादा है  उसका पति उससे संबंध बनाता है तो वह अपने पति पर ‘वैवाहिक बलात्कार’ यानी ‘मैरिटल रेप’ का आरोप नहीं लगा सकती.

जस्टिस जे बी पारडीवाला ने बोला कि आईपीसी सेक्शन 375 के मुताबिक पत्नी द्वारा पति पर लगाए गए बलात्कार के आरोप दण्डनीय नहीं हैं. इस सेक्शन में बलात्कार को परिभाषित किया गया है. यह कानून महिला को अपने पति पर बलात्कार का आरोप लगाने की अनुमति नहीं देता.

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न्यायालय ने बोला कि एक महिला अपने पति द्वारा बनाए जा रहे अप्राकृतिक संबंधों के विरूद्धआईपीसी सेक्शन 377 के मुताबिक आपराधिक कार्रवाई प्रारम्भ कर सकती है. लेकिन महिला की सहमति के मामले में अलग कानून है.

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