Wednesday , September 19 2018
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अंडा बाहर से सख्‍त व अंदर से नरम क्‍यों होता है?

पहले अंडा आया या मुर्गी? यह पहले बहुत पुरानी है इसी तरह की इससे जुड़ी एक पहेली यह भी है कि अंडा बाहर से तो इतना सख्‍त होता है कि उसको फोड़ना पड़ता है लेकिन अंडे से जब चूजा बाहर निकलता है तो वह इसको सरलता से भेदकर बाहर निकल आता है यानी इससे निष्‍कर्ष निकलता है कि अंडा बाहर से सख्‍त  अंदर से नरम होता है लेकिन ऐसा क्‍यों होता है, यह अभी तक बड़ी पहेली रही है लेकिन पहली बार कनाडा के वैज्ञानिकों ने इस पहेली से पर्दा उठाने की बात कही है

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रिसर्च
कनाडा में मांट्रियल की मैकग्रिल यूनिवर्सिटी ने नयी तकनीक के माध्‍यम से अंडे के खोल की आंतरिक संरचना का अध्‍ययन किया इन्‍होंने इसकी मॉलीक्‍यूलर नैनोसंरचना  मैकेनिकल प्रॉपर्टीज का अध्‍ययन करने के लिए यह रिसर्च किया इस रिसर्च के मुताबिक जब अंडे दिए जाते हैं तो बाहरी वातावरण से बचने के लिए ये पर्याप्‍त रूप से मजबूत होते हैं इससे अंदर स्थित चूजे (चिक) को सुरक्षा मिलती है लेकिन जैसे-जैसे चूजे का अंडे की खोल के भीतर विकास होता है, वैसे-वैसे इसकी हड्डियों के विकास के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है अंडे के सेने (incubation) के दौरान खोल के अंदर की परत इस तरह की मिनरल-आयन सप्‍लाई के लिए घुल जाती है नतीजतन यह परत अंदर से निर्बल हो जाती है  चूजा आराम से इससे बाहर निकल आता है

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शोधकर्ताओं का कहना है कि एटोमिक फोर्स माइक्रोस्‍कॉपी, इलेक्‍ट्रॉन  एक्‍स-रे इमेजिंग पद्धति के माध्‍यम से किए गए इस अध्‍ययन से यह भी पता चलता है कि संभवतया इंक्‍यूबेशन के दौरान अंडे के खोल की नैनोस्‍ट्रक्‍चर में होने वाले सूक्ष्‍म परिवर्तनों के कारण इस तरह के दोहरे कार्यकारी परिवर्तनहोते हैं वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि खाद्य सुरक्षा के लिहाज से भी यह स्‍टडी उपयोगी साबित हो सकती है

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अध्‍ययन के दौरान यह भी पाया गया कि लाखों सालों के उद्विकास की कड़ी में ही पक्षी एकदम उपयुक्‍त अंडे देने में सक्षम हुए हैं इसके तहत अंडे के खोल के भीतर बेहद नाजुक, संरक्षात्‍मक परत विकसित होती है जिसमें चूजे के विकास के लिए महत्वपूर्ण सभी पोषक पदार्थ उपस्थित होते हैं यह अध्‍ययन साइंस एडवांस जर्नल में प्रकाशित हुआ है

अंडा वेज है या नॉनवेज
इसी तरह कुछ समय पहले अंडे के शाकाहारी या मांसाहारी होने के सवाल पर भी एक स्‍टडी आई थीदरअसल शाकाहारी लोग अंडे को मांसाहारी बताकर नहीं खाते उनका तर्क होता है कि अंडा मुर्गी से आता है इसलिए जब मुर्गी नॉन वेज है तो अंडा भी नॉन-वेज है लेकिन, साइंस कहती है कि दूध भी जानवर से ही निकलता है, तो वो शाकाहारी कैसे है? ज्यादातर लोगों की गलतफहमी है कि अंडे से बच्चा (चूजा) निकलता है लेकिन, अगर आप इस कारण से अंडे को मांसाहारी मानते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर अंडे अनफर्टिलाइज्ड होते हैंइसका मतलब, उनसे कभी चूजे बाहर नहीं आ सकते इस गलतफहमी को दूर करने के लिए वैज्ञानिकों ने भी साइंस के जरिए इस सवाल का जवाब देने की प्रयास की है उनके मुताबिक, अंडा शाकाहारी होता है

कैसे पता चला
दरअसल, अंडे में तीन लेयर (हिस्से) होती हैं- पहला छिलका, दूसरा सफेदी(albumen)  तीसरा अंडे की जर्दी(yolk) अंडे पर की गई एक रिसर्च के मुताबिक, अंडे की सफेदी में सिर्फ प्रोटीन होता है उसमें जानवर का कोई भाग मौजूद नहीं होता इसलिए तकनीकी रूप से एग वाइट(सफेदी) शाकाहारी होता है

अंडे की जर्दी
एग वाइट की ही तरह एग योक(अंडे की जर्दी) में भी प्रोटीन के साथ सबसे ज्यादा कोलेस्ट्रोल  फैट मौजूद होता है हालांकि, अंडे मुर्गी  मुर्गे के संपर्क में आने के बाद दिए जाते हैं, उनमें गैमीट सेल्स मौजूद होता है, जो उसे मांसाहारी बना देता है

मुर्गी कैसे देती है अंडा?
मुर्गी जब 6 महीने की हो जाती है तो हर 1 या डेढ़ दिन में अंडे देती ही है, लेकिन उसके अंडे देने के लिए महत्वपूर्ण नहीं कि वह किसी मुर्गे के संपर्क में आई हो इन अंडों को ही अनफर्टिलाइज्ड एग बोलाजाता है वैज्ञानिकों का दावा है कि इनमें से कभी चूजे नहीं निकल सकते ऐसे में अगर आप अभी तक अंडे को मांसाहारी मानते हैं तो भूल जाइये, क्योंकि अंडा शाकाहारी है

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