Wednesday , September 19 2018
Loading...

ICICI बैंक की सिर्फ गलती से डूब गए 16 हजार करोड़ रुपए

नई दिल्ली: बैंकिंग सेक्टर के लिए बुरा दौर कब समाप्त होगा? क्या बैंक की सबसे बड़ी समस्या एनपीए ही है? पिछले डेढ़ महीने में बैंकों की स्थिति को देखते हुए नहीं लगता कि बैंक भारतीय रिजर्व बैंक नियमों को लेकर गंभीर हैं पीएनबी घोटाला उजागर होने के बाद बैंकों की स्थिति की असलियत सामने आने लगी दरअसल, पीएनबी के बाद एक-एक बैंकों के घोटाले उजागर हुए सरकारी बैंकों से प्रारम्भ हुई इस फेहरिस्त में अब प्राइवेट सेक्टर भी जुड़ गया है आईसीआईसीआई बैंक इन दिनों 3250 करोड़ रुपए की ‘स्वीट डील’ के पेंच में फंसा है अब यह बैंक की एमडी चंदा कोचर का नाम बदनाम करने की प्रयास है या फिर हकीकत में बैंक के लिए कोई खतरे की घंटी इसका जवाब तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन, बैंक की एक गलती से आज निवेशकों के करीब 16000 करोड़ डूब चुके हैं यह रकम तो पीएनबी घोटाले से भी ज्यादा है

Image result for ICICI बैंक की सिर्फ गलती से डूब गए 16 हजार करोड़ रुपए

लोन या ‘स्वीट डील’?
कोई आम डील नहीं थी इस डील में बैंक की एमडी चंदा कोचर पर गलत तरीके से वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ रुपए का लोन देना का आरोप लगा है इस डील में उनके पति दीपक कोचर का भी नाम शामिल है इसलिए चंदा कोचर को  ज्यादा संदेह के घेरे में खड़ा किया गया है आलम यह है कि बैंक के बोर्ड को दो बार आकर सफाई देनी पड़ी हालांकि, जांच अभी जारी है, लेकिन बैंक का बोर्ड चंदा कोचर को क्लीन चिट दे चुका है

Loading...

कैसे एक झटके में डूब गए 16000 करोड़?
वीडियोकॉन ग्रुप ने बैंक को लोन के 2,810 करोड़ रुपए नहीं लौटाए  बैंक ने वर्ष 2017 में इसे एनपीए घोषित कर दिया मामला सामने आने के बाद से आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 8 पर्सेंट से ज्यादा टूट चुका है बैंक की इस एक गलती की वजह से निवेशकों के 16 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए

loading...

3 दिन में साफ हुई बाजार कैप
वीडियोकॉन लोन मामला सामने आने के बाद से आईसीआईसीआई बैंक का शेयर टूट रहा हैनिवेशक अपना पैसा निकाल रहे हैं ब्रोकरेज हाउस भी पैसा डालने से मना कर रहे हैं यही वजह है कि बैंक की बाजार कैप में बड़ी गिरावट आई 3 दिन में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 8.80 प्रतिशतटूट चुका है इससे बैंक का बाजार कैप 16,090.64 करोड़ रुपए घट गया है आपको बता दें, 27 मार्च को बंद हुए भाव 283.90 रुपए के लिहाज से बैंक का बाजार कैप 1,82,725.35 करोड़ रुपए था, जो तीन दिन में घटकर 1,66,634.71 करोड़ रुपए हो गया

11% टूट चुका है बैंक का शेयर
लोन मामले की समाचार आने  चंदा कोचर के विरूद्ध जांच प्रारम्भ होने से आईसीआईसीआई बैंक के शेयर पर दबा दिख रहा है सोमवार को शेयर में 7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई कारोबार के दौरान बीएसई पर स्टॉक 7 प्रतिशत टूटकर 258.90 रुपए के निचले स्तर पर आ गया था हालांकि, बाद में थोड़ा रिकवर होकर 261.50 रुपए पर बंद हुआ लेकिन, पिछले एक महीने में देखें तो बैंक का शेयर करीब 11 प्रतिशत टूट चुका है

SEBI ने टेढ़ी की नजर
बाजार रेग्युलेटर सेबी ने भी आईसीआईसीआई बैंक समेत लेंडर्स ग्रुप से हुई इस स्वीट डील से वीडियोकॉन  उसके प्रोमोटर पर नजरें टेढ़ी कर ली हैं आईसीआईसीआई बैंक भी सेबी के रडार पर है सेबी ने बैंक के विरूद्ध कॉरपोरेट गवर्नैंस से संबंधित खामियों की जांच प्रारम्भ कर दी है उधर CBIभी आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है

चंदा कोचर पर क्यों उठे सवाल?
, वीडियोकॉन ग्रुप को आईसीआईसीआई बैंक ने 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया बाद में यह लोन चुकाया नहीं गया वीडियोकॉन की मदद से बनी एक कंपनी आईसीआईसीआई बैंक की एमडी सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के नाम कर दी गई बैंक ने वीडियोकॉन के लोन में से 86% यानी 2810 करोड़ रुपए डूबते खाते में डाल दिए  इसे एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग असेट्स) घोषित कर दिया

2008 में आई न्यूपावर
भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियोकॉन ग्रुप के मालिक वेणुगोपाल धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के साथ एक नयी कंपनी बनाई दिसंबर 2008 में न्यूपावर के नाम से कंपनी की नींव रखी गई इसमें दोनों पार्टी यानी कोचर परिवार  वेणुगोपाल धूत की 50-50 प्रतिशतहिस्सेदारी थी दीपक कोचर को इस कंपनी में बतौर एमडी नियुक्त किया गया जबकि वेणुगोपाल धूत कंपनी के डायरेक्टर थे

कैसे बेची गई कंपनी
जनवरी 2009 में वेणुगोपाल धूत ने न्यूपावर कंपनी में डायरेक्टर का पद छोड़ दिया उन्होंने ढाई लाख रुपए में अपने 24,999 शेयर्स भी न्यूपावर में ट्रांसफर कर दिए रिपोर्ट के मुताबिक, 2010 से 2012 के बीच धूत ने 65 करोड़ की कंपनी को सिर्फ 9 लाख रुपए में दीपक कोचर को बेच दिया94.99 प्रतिशत होल्डिंग वाले शेयर महज 9 लाख रुपए में चंदा कोचर के पति को मिल गए इस कंपनी को धूत की कंपनी से 64 करोड़ का लोन भी दिया गया

सिर्फ 9 लाख में बेची कंपनी
भारतीय एक्सप्रेस के मुताबिक, इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली यह है कि दीपक कोचर को इस कंपनी का ट्रांसफर वेणुगोपाल द्वारा आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से वीडियोकॉन ग्रुप को 3250 करोड़ रुपए का लोन मिलने के छह महीने के बाद किया गया

Loading...
loading...