Tuesday , November 20 2018
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ईपीएफओ का होगा विलय

केंद्र गवर्नमेंट ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ)  कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का एक दूसरे में विलय करने की रूपरेखा तैयार की है. जल्द ही इस विषय में कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा. दोनों विभागों का विलय करने के बाद कर्मचारी राज्य बीमा निगम की सेहतसेवाएं राज्य गवर्नमेंट के गुलाम कार्य करेंगी.
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कर्मचारियों को उनकी श्रेणी के अनुसार दोनों विभागों में बांटा जाएगा. हालांकि, दोनों विभागों का एक-दूसरे में विलय करने का विरोध भी प्रारम्भ कर दिया गया. अप्रैल के दूसरे या तीसरे हफ्ते में हैदराबाद में दोनों फेडरेशनों के पदाधिकारी संयुक्त मीटिंग करेंगे. इसमें एक संयुक्त कमेटी का गठन किया जाएगा, जो गवर्नमेंट के समक्ष अपना पक्ष रखेगी.

केंद्र गवर्नमेंट श्रम सुधार प्रोग्राम चला रही है, जिसके तहत इन दोनों विभागों का एक-दूसरे में विलय करने की काम योजना तैयार की गई है. सूत्रों ने बताया कि गवर्नमेंट की मंशा कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अस्पतालों का बेहतर प्रयोग करने की है. इस दिशा में कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है. शहर के जाजमऊ अस्पताल को गवर्नमेंट ने ले लिया है. जल्द ही पांडुनगर स्थित अस्पताल को भी राज्य गवर्नमेंट अपने गुलाम कर लेगी.

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अधिशेष फंड पर गवर्नमेंट की नजर

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गवर्नमेंट की नजर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पास करीब 56 हजार करोड़ के अधिशेष फंड पर है. सूत्रों ने बताया कि यह फंड निष्क्रिय खातों में है. गवर्नमेंट इस फंड से सीनियर सिटीजन के लिए सेहत सेवाएं प्रारम्भ करना चाहती है. इसलिए इन दोनों विभागों का विलय किया जा रहा है.कर्मचारी बीमा निगम के अस्पतालों  पीएफ विभाग के फंड का गवर्नमेंट प्रयोग करना चाहती है.

कर्मचारियों का होगा बंटवारा

दोनों विभागों का विलय करने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव में बोला गया है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम  पीएफ बीमा में कार्य करने वाले अराजपत्रित  तृतीय  चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को राज्य गवर्नमेंट के गुलाम कर दिया जाएगा, जबकि राजपत्रित, ग्रेड वन  ग्रेड टू अफसरों को केंद्र गवर्नमेंट के गुलाम कर दिया जाएगा.

विलय का होगा विरोध

वहीं, कर्मचारी संगठन का तर्क है कि बीमा अस्पतालों का संचालन राज्य गवर्नमेंट पहले से ही कर रही है. यहां मिलने वाली चिकित्सकीय सेवाएं बदहाल हैं. ऐसे में कर्मचारी राज्य बीमा निगम कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का विलय करने की कोई जरूरत ही नहीं है. इसका विरोध किया जाएगा. इंप्लॉइज प्रॉविडेंट फंड स्टाफ फेडरेशन के राष्ट्रीय सलाहकार राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि दोनों विभागों की फेडरेशनों ने इसका विरोध करने का फैसला किया है. हैदराबाद में मीटिंग के बाद प्रयत्न का ऐलान किया जाएगा. दोनों विभागों का विलय नहीं होने दिया जाएगा.

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