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3 राज्यसभा सांसदों ने 6 वर्ष में नहीं पूछा एक भी सवाल

राज्यसभा से रिटायर हो रहे 40 सांसदों में से तीन ने अपने छह वर्ष के कार्यकाल में एक भी सवाल नहीं पूछा. वहीं राकांपा के सांसद डीपी त्रिपाठी सदन में हाजिरी को लेकर शीर्ष पर रहे. राज्यसभा के रिकॉर्ड के मुताबिक, वह 99 प्रतिशत बैठकों में शामिल रहे. सदन से 60 सांसद रिटायर हुए लेकिन इनमें से 20 दोबारा चुनकर वापस आ गए हैं. सदन में अपने कार्यकाल में एक भी सवाल नहीं पूछने वाले सांसद के पारासरन, के चिरंजीवी  रेखा हैं.

पारासरन  रेखा को तत्कालीन यूपीए गवर्नमेंट ने नामित किया था जबकि दक्षिण इंडियन सिनेमा के सुपरस्टार चिरंजीवी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर आंध्र प्रदेश से राज्यसभा आए थे. दिलचस्प बात यह है कि 90 वर्षीय कानूनविद् पारासरन की सदन में हाजिरी 81 प्रतिशत रही. उन्होंने केवल 10 चर्चाओं में भाग लिया. हालांकि न तो उन्होंने कोई सवाल पूछा  न ही को बिल पेश किया.

चिरंजीवी की उपस्थिति 32 प्रतिशत, जबकि रेखा की मौजूदगी 5 प्रतिशत रही. वहीं क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की सदन में उपस्थिति केवल 8 प्रतिशत ही रही. दोनों ने न किसी चर्चा में भाग लिया  न ही कोई बिल पेश किया. वहीं हाजिरी के मामले में शीर्ष पर रहने वाले डीपी त्रिपाठी ने अपने कार्यकाल में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया. उन्होंने 49 चर्चाओं मे भाग लिया  320 सवाल पूछे.

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उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति प्रो पीजे कुरियन को भी पीछे छोड़ दिया. कांग्रेस पार्टी नेता कुरियन का राज्यसभा में यह तीसरा कार्यकाल था  वह 95 प्रतिशत बैठकों में ही भाग ले पाए. इस दौरान उन्होंने 35 चर्चाओं में भाग लिया, दो बिल पेश किए  150 सवाल पूछे.

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दिलीप टर्की ने किए 379 ‘गोल’

बीजद के टिकट पर पहली बार सांसद बने हॉकी खिलाड़ी रहे दिलीप टिर्की का रिटायर होने वाले सांसदों में शामिल हैं. सेंटर फॉरवर्ड की पोजिशन पर खेलते हुए विरोधियों के छकाने वाले दिलीप संसद के मैदान में भी पीछे नहीं रहे. उनकी उपस्थिति 77 प्रतिशत रही. उन्होंने 134 चर्चाओं में भागलिया  379 सवाल पूछे. वह कोल  स्टील से संबंधित संसदीय समिति के सदस्य भी रहे.

दस प्रतिशत से कम उपस्थिति का रिकॉर्ड

रेखा  सचिन की गिनती संसद में सबसे कम उपस्थित रहने वाले सदस्यों में होगी. उनके अतिरिक्तकेवल अन्नाद्रमुक के 2010 में रिटायर होने वाले सांसद टीटीवी दिनाकरन केवल 7 प्रतिशत बैठकों में शामिल हो पाए थे. 2004 में रिटायर हुई सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका लता मंगेशकर की उपस्थिति भी दस प्रतिशत से कम रही थी.

ये हर दिन मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ से जून 2010 तक कांग्रेस पार्टी सांसद रहीं छाया वर्मा की राज्यसभा में शत-प्रतिशतउपस्थिति दर्ज रही है. हालांकि सौ फीसदी उपस्थिति के क्लब में उनका साथ 2014 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्य नारायण जटिया  2009 में रिटायर हुए सपा के बलिहारी बाबू भी दे रहे है. यह बात  है कि इस दौरान बलिहारी बाबू ने न तो एक भी सवाल पूछा, न चर्चा में भाग लिया  न ही कोई व्यक्तिगत बिल पेश किया. वहीं पिछले चार वर्षों में जटिया ने 55 चर्चाओं में भाग लिया  गवर्नमेंट से 373 सवाल पूछे.

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