Saturday , February 16 2019
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रिव्यू पिटीशन में केंद्र ने कोर्ट

सुप्रीम न्यायालय में SC/ST एक्ट में आये फ़ैसले के बाद सोमवार को मोदी गवर्नमेंट ने पुनर्विचार याचिका दायर की इस पुनर्विचार याचिका में गवर्नमेंट ने अपनी तरफ़ से तर्क दिए हैं कि जिस याचिका पर सुप्रीम न्यायालय ने निर्णय दिया है उसमें गवर्नमेंट कोई पार्टी नहीं है केंद्र गवर्नमेंट की ओर से दायर की गई याचिका में बोला गया है कि गवर्नमेंट ने बोला कि SC/ST एक्ट पर जिस याचिका पर सुप्रीम न्यायालय ने फ़ैसला दिया हैं उसमें गवर्नमेंट पार्टी नहीं थी, जबकि संसद ने यह कानून बनाया था केंद्र ने अपनी याचिका में बोला है कि क़ानून बनाना संसद का कार्य हैं  Image result for SC/ST एक्ट: रिव्यू पिटीशन में केंद्र ने न्यायालय से कहा, कानून बनाना संसद का काम

सरकार का मानना हैं कि सुप्रीम कोर्ट 3 तथ्यों  के आधार पर ही क़ानून को रद्द कर सकती हैं ये तीन तथ्य है कि अगर मौलिक अधिकार का हनन हों, अगर क़ानून ग़लत बनाया गया हो, अगर कोई क़ानून बनाने का अधिकार संसद के अधिकार एरिया में आता नहीं हो तो इसके साथ ही गवर्नमेंट की ये भी दलील हैं कि न्यायालय ये नहीं कह सकता हैं कि क़ानून का स्वरूप कैसा हों क्योंकि क़ानून बनाने का अधिकार संसद के पास हैं इसके साथ ही केंद्र ने यह भी दलील दी कि किसी भी क़ानून को सख़्त बनाने का अधिकार भी संसद के पास ही हैं केंद्र गवर्नमेंट ने अपनी याचिका में बोला है कि समसामयिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कैसा क़ानून बने ये संसद या विधानसभा तय करती हैं

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज बताया कि केंद्र गवर्नमेंट ने अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति( अत्याचार निवारण) अधिनियम को‘ कमजोर’ करने के विरूद्ध उच्चतम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है साथ ही उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से बोला कि वे यह सुनिश्चित करें कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में किसी तरह की सांप्रदायिक हिंसा को अंजाम न दिया जाए राजनाथ ने उन आरोपों को भी‘‘ निराधार’’ बताया जिनमें राजग गवर्नमेंट के पिछड़े समुदायों के उत्थान के विरूद्ध होने की बात कही गई थी

सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह सुनिश्चित करना राजनीतिक पार्टियों की नैतिक जिम्मेदारी है कि कहीं भी कोई जातीय या सांप्रदायिक हिंसा न हो ’’ उच्चतम कोर्ट ने20 मार्च को अपने आदेश में बोला था कि अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति( अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों में बिना जांच के किसी भी लोक सेवक को अरैस्ट न किया जाए  सामान्य नागरिकों को भी कानून के तहत पूछताछ के बाद ही अरैस्ट किया जाए

न्यायालय के आदेश का विरोध करते हुए कई दलित संगठनों ने आज हिंदुस्तान बंद आहूत किया हैसंसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने दलितों की दुर्दशा को लेकर आरएसएस  बीजेपी पर हमला कहा  बोला कि वह समुदाय के उन ‘‘भाईयों  बहनों’’ को सलाम करते हैं जो मोदी गवर्नमेंट से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे हैं

संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘केंद्र सुनवाई में पक्षकार नहीं है इसलिए सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से एक व्यापक पुनर्विचार याचिका दायर कर दी गई है ’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत गवर्नमेंट पूरे सम्मान के साथ यह कहना चाहती है कि वह उच्चतम कोर्ट द्वारा मामले में दिए तथ्यों से सहमत नहीं है ’’

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