Wednesday , September 19 2018
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दिल्‍ली, यूपी, राजस्‍थान व पंजाब में इस बार सबसे अधिक होगा गर्मी का कहर

राष्ट्र भर में मार्च खत्‍म होने के साथ-साथ गर्मी ने अपना प्रभाव दिखाना प्रारम्भ कर दिया है. हालांकि मौसम विभाग ने इस बार तापमान के एक से दो डिग्री तक बढ़ने की संभावना पहले से ही जता दी थी. ऐसे में इस बार उत्तर हिंदुस्तान के ज्यादातर इलाकों में लोगों को सामान्य से ज्यादा गर्मी झेलनी पड़ सकती है. मौसम विभाग ने अप्रैल, मई  जून महीनों के लिए मौसम को लेकर अपना पूर्वानुमान जारी किया है. हालांकि गर्मी बढ़ने के साथ-साथ मौसम विभाग ने इस बार बारिश के अच्‍छे संभावना भी जताए हैं.Image result for दिल्‍ली, यूपी, राजस्‍थान व पंजाब में इस बार सबसे अधिक होगा गर्मी का कहर

चलेंगी गर्म हवाएं

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बदलते मौसम के बीच उत्तर  पूर्वी हिंदुस्तान में अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहेगा. इस दौरान मानसून से पूर्व बारिश की भी आसार मौसम विभाग की तरफ से जताई गई है. उत्तर हिंदुस्तान में इस दौरान गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है. वहीं रात के तापमान में भी तेजी की उम्‍मीद विभाग की तरफ से जताई गई है. गर्मी का सबसे ज्यादा प्रभाव राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा  पंजाब में दिखेगा.

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वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस में कमी

मौसम के बदलते तेवर के बीच अभी से लोग दोपहर में घर या कार्यालय से बाहर निकलने से बच रहे हैं. हालांकि इस बार गर्मी का आना कुछ जल्‍द जरूर हुआ है. ऐसा इसलिए हुआ है क्‍योंकि वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस इस बार कम आए हैं. इनकी वजह से सामान्‍यतौर पर बारिश हुआ करती है, जो इस बार नहीं हुई. यही वजह थी कि इस बार मार्च के महीने में ही लोगों को पहले से अधिक गर्मी का सामना करना पड़ा है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि वेस्‍टर्न डिस्टर्बेंस की सामान्‍य तौर पर फ्रिक्‍वेंसी 8 से 10 तक होती है. यह लगभग पूरे राष्ट्र में होते हैं. इन डिस्‍टर्बेंस की वजह से तापमान में गिरावट बनी रहती है. लेकिन इस बार यह इसकी अपेक्षा बहुत ज्यादा कम महज 4 से 5 तक ही आए हैं. इसकी वजह से मौसम में होने वाली वो एक्टिविटी जो इसको बैलेंस किए रखती हैं वह कम हुई हैं.इसकी वजह से मौसम में तेजी से गर्मी बढ़ी है.

ग्‍लोबल वार्मिंग भी एक वजह

मौसम विभाग ने इस बार उत्तर हिंदुस्तान में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने की आसार के साथ-साथ इस बात की भी संभावना जताई है कि सामान्य मौसम के मुकाबले इस बार एरिया में ज्यादा सूखा पड़ सकता है. हालांकि पूर्वी इलाकों में इस बार सामान्य से थोड़ा कम तापमान रहने का अनुमान है.इनके अतिरिक्त उत्तर हिंदुस्तान में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा साथ ही ऐंटी-साइक्लोनिक हवाओं से तापमान ज्यादा रहने का अनुमान है. सामान्य से ज्यादा तापमान ग्लोबल वॉर्मिंग का इशारा है.

तापमान में परिवर्तन की ये है वजह

मौसम विभाग के डॉक्‍टर देवेंद्र मुख्य (वैज्ञानिक ‘जी’) भी मानते हैं कि हिंदुस्तान समेत पूरी संसार में हो रहा क्‍लाइमेट चेंज तापमान के बढ़ने में बड़ी किरदार निभा रहा है. इसकी एक बड़ी वजह भी यही बन रहा है. हिंदुस्तान की ही यदि बात करें तो लगातार बढ़ता प्रदूषण इसका दूसरा बड़ा कारण बनता जा रहा है. यह चाहे किसी भी रूप में हो.

पिछले सालों की तुलना में ज्‍यादा होगा गर्म

औसत तापमान के सामान्य से अधिक रहने के पूर्वानुमान से पता चलता है कि उत्तर एवं मध्य हिंदुस्तान में पिछले कुछ सालों के मुकाबले इस बार ज्‍यादा गर्मी पड़ेगी. आपको यहां बता दें कि इंडियन मौसम विभाग समेत राष्ट्र की अन्य मौसम संबंधी एजेंसियों ने साल 2017 को अब तक का सबसे गर्म वर्ष करार दिया था. उससे पहले 2016 में 1901 के बाद का सबसे गर्म वर्ष बताया गया था.उस वर्ष राजस्थान के फालोदी में तापमान 51 डिग्री तक पहुंच गया था जो हिंदुस्तान में किसी भी स्थान पर दर्ज किया गया तब तक का सर्वाधिक तापमान था.

दूसरी बार जारी हुआ पूर्वानुमान

इस वर्ष के पूर्वानुमान में सामान्य से अधिक तापमान रहने के बाद भी राहत की बात है कि यह पिछले वर्ष के औसत से कुछ ही कम ही होगा. इंडियन मौसम विभाग ने कुछ ही समय के अंतराल पर यह दूसरा पूर्वानुमान जारी किया है. दरअसल, दिल्ली समेत राष्ट्र के कई हिस्सों में यह मार्च में ही 40 डिग्री को छू चुका था, जिसके चलते विभाग मजबूरन 28 फरवरी को भी पूर्वानुमान घोषित करना पड़ा था.

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