Monday , September 24 2018
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राजनीतिक फैसला मतदान केंद्रों पर लिए जाने चाहिए ..

पाक के पीएम शाहिद खाकान अब्बासी ने बोला है कि राजनीतिक फैसला मतदान केंद्रों पर लिए जाने चाहिए न कि अदालतों में अब्बासी का यह बयान स्पष्ट तौर पर उनके पूर्ववर्ती नवाज शरीफ को सुप्रीम न्यायालय द्वारा अपदस्थ किए जाने के संदर्भ में था सुप्रीम न्यायालय ने 68 वर्ष के शरीफ को पिछले वर्ष जुलाई में पनामा पेपर मामले में पीएम पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था डेरा गाजी खान में एक जनसमूह को संबोधित करते हुए अब्बासी ने बोला कि“ मतदाताओं को राजनीतिक निर्णय लेने दें ” डॉन न्यूज ने उनके हवाले से कहा, “ राजनीतिक निर्णय मतदान केंद्रों पर लिए जाते हैं, अदालतों में नहीं ”Image result for पाक पीएम ने कहा- राजनीतिक निर्णय मतदान केंद्रों पर लिए जाने चाहिए, अदालतों में नहीं

पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश मियां साकिब निसार से मुलाकात के कई दिनों बाद अब्बासी की यह टिप्पणी सामने आई है इस मुलाकात  उसके बाद न्यायाधीश निसार द्वारा पीएम को निवेदक बताने से शरीफ गुस्से में आ गए थे उन्होंने बाद में सार्वजनिक तौर पर अब्बासी को इस मुलाकात पर अपनी स्थिति साफ करने को बोलाथा अब्बासी ने कहा, “ यह अजीब परंपरा है कि जो कोई भी राष्ट्र की समस्या हल करता है उसे अदालतों में घसीटा जाता है, पद से हटा दिया जाता है  लोगों से दूर करने के कोशिश किए जाते हैं ”

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उन्होंने चेताया, “यह पाक की परंपरा नहीं है यह परंपरा पाक में पॉलिटिक्स को सम्मान नहीं दिला सकती ” पीएम ने बोला कि लोगों का निर्णय अदालती फैसलों से हमेशा महत्त्वपूर्ण होता है इनमें से कुछ अदालती फैसलों को उन्होंने विवादित  इतिहास द्वारा अस्वीकार्य भी बताया

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यह है पूरा मामला
पनामा पेपर्स के नाम से लीक हुए दस्तावेजों को सामने लाने में मुख्य किरदार अमेरिका स्थित एक एनजीओ खोजी पत्रकारों के अंतर्राष्ट्रीय महासंघ (ICIJ) की है आईसीआईजे ने दस्तावेजों की गहरी छानबीन कीआईसीआईजे को किसी अज्ञात सूत्र ने इन दस्‍तावेजों को उपलब्‍ध कराया था जांच में नवाज शरीफ के अतिरिक्तकई फिल्मी  खेल जगत की हस्तियों समेत करीब 140 लोगों की संपत्ति का भी खुलासा हुआ था हिंदुस्तान से भी कुछ लोगों के नामों का जिक्र पनामा पेपर्स में किया गया था

40 वर्ष का डेटा
जांच में जो डेटा सामने आया था वह 1977 से लेकर 2015 तक का था जर्मनी के एक अखबार के मुताबिक, इस पेपर लीक से 2.6 टेराबाइट डेटा सामने आया है जो लगभग 600 डीवीडी में आ सकता है शरीफ समेत अन्‍य लोगों ने कर हैवन कंट्रीज में पैसा इन्वेस्ट किया इन लोगों ने शैडो कंपनियां, ट्रस्ट  कॉरपोरेशन बनाए  इनके जरिए कर बचाया

नवाज  उनके परिवार पर आरोप
नवाज शरीफ के बेटों हुसैन  हसन के अतिरिक्त बेटी मरियम नवाज ने कर हैवन माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कम से कम चार कंपनियां प्रारम्भ कीं इन कंपनियों से इन्होंने लंदन में छह बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदीशरीफ फैमिली ने इन प्रॉपर्टीज को गिरवी रखकर डॉएचे बैंक से करीब 70 करोड़ रुपए का लोन लिया इसके अलावा, दूसरे दो अपार्टमेंट खरीदने में बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने उनकी मदद की
नवाज  उनके परिवार पर आरोप है कि इस पूरे कारोबार  खरीद-फरोख्त में अनडिक्लियर्ड इनकम लगाई गईशरीफ की विदेश में इन प्रॉपर्टीज की बात उस वक्त सामने आई जब लीक हुए पनामा पेपर्स में दिखाया गया कि उनका मैनेजमेंट शरीफ के परिवार के मालिकाना हक वाली विदेशी कंपनियां करती थीं शरीफ के परिवार के लंदन के 4 अपार्टमेंट से जुड़ा मामला भी उन 8 मामलों में शामिल है जिनकी नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने दिसंबर 1999 में जांच प्रारम्भ की थी

लंदन में खरीदी थीं प्रॉपर्टी
पनामा मामले की जांच कर रही 6 मेंबर्स वाली जेआईटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट 10 जुलाई को सुप्रीम न्यायालयको सौंप दी थी रिपोर्ट में बोला गया था कि 1990 में पीएम के तौर पर अपने दूसरे टेन्योर में शरीफ की फैमिली ने लंदन में प्रॉपर्टीज खरीदी थीं रिपोर्ट में बोला गया है कि शरीफ  उनके बच्चों की लाइफस्टाइल उनकी आय के स्रोत से कहीं ज्यादा थी शरीफ ने आरोपों को आधारहीन बताते हुए जेआईटी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था

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