Thursday , November 15 2018
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चाइना का अनियंत्रित स्पेस स्टेशन, मचे की बड़ी ताभाहिया

 चीन की निष्क्रिय हो चुकी अगले 24 घंटे में पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश कर सकता है अगर ऐसा हुआ तो खगोलीय आग का गोला बन जाएगा चाइना के अंतरिक्ष प्राधिकरण ने इसकी संभावना जताई है उधर चाइना अंतरिक्ष केंद्र ने दावा किया है कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा चीनी अंतरिक्ष केंद्र ने एक बयान में बोलाकि टियांगोंग-1 के अनियंत्रित ढंग से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने की आसार है, जो यूरोपीयन स्पेस एजेंसी के अनुमानों के जैसा ही है इससे पहले चीनी अधिकारियों ने बोला था कि आठ टन के इस क्राफ्ट के नीचे गिरने से किसी नुकसान की संभावना नहीं है  Image result for आज धरती पर गिर सकता है चाइना का अनियंत्रित स्पेस स्टेशन, मच सकती है बड़ी तबाही!

इसके बहुत ही तेज गति से बिखरने पर यह चमकीले आग के गोले में तब्दील हो जाएगा जो उल्का पिंड जैसा दिखेगा ईएसए ने कहा, ‘‘ यह बहुत ही तीव्र गति से धरती के वायुमंडल में प्रवेश करेगा  विखंडित प्रयोगशाला का मलबा न्यूजीलैंड से लेकर अमेरिकी मिडवेस्ट के बीच कहीं भी गिर सकता है चाइना मैन्ड स्पेस इंजीनियरिंग कार्यालय ने इससे पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट वी चैट पर कहा, ‘‘ लोगों को चिंता करने की जरुरत नहीं है’’

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उसमें बोला गया, ‘‘ यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी से नहीं टकराएगा जैसा कि विज्ञान- काल्पनिक फिल्मों में दिखाया जाता है, लेकिन यह चमकीले पदार्थ( लगभग उल्का पिंड जैसा) में तब्दील हो जाएगा  पृथ्वी की तरफ आने के क्रम में यह पूरे आकाश में एक टूटते तारे की तरह घूमते हुए दिखाई देगा ’’

टियांगोंग-1- ‘‘ हैवेनली पैलेस’’ को सितंबर 2011 में कक्ष में स्थापित किया गया था, जो चाइना का अपना एक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में अति महत्त्वपूर्ण कदम था इस स्थिति के लिए लोग सोशल मीडिया पर चीनी गवर्नमेंट की आलोचना कर रहे हैं

2011 में चाइना ने किया था लॉन्च
इस अंतरिक्ष स्टेशन को चीनी अंतरिक्ष एजेंसी चाइना नेशनल स्‍पेस एडमिनिस्‍ट्रेशन (CNSA) ने 29 सितंबर, 2011 को लॉन्च किया था इसका वजन 8.5 टन बताया जा रहा है इसकी लंबाई 10 मीटर  चौड़ाई 3 मीटर है यह तियांगोंग कार्यक्रम का हिस्‍सा था  इस कार्यक्रम का पहला सक्रिय हिस्‍सा भी था

लैब में भरा है केमिकल, खतरनाक होंगे नतीजे!
चाइना के इस बेकाबू स्पेस स्टेशन में खतरनाक रसायन भरे हैं इसलिए संभावना जताई जा रही है कि जब भी यह धरती से टकराएगा तबाही लाएगा वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्‍वी के वातावरण में प्रवेश करते ही इसका मलबा हजारों किलोमीटर दूर तक फैल सकता है यह मलबा आबादी क्षेत्रों पर भी गिर सकता है

2016 में खोया था नियंत्रण
दो वर्ष की अभियान अवधि बढ़ाने के बाद 21 मार्च, 2016 को चाइना ने इसकी सेवाएं आधिकारिक रूप से बंद कर दिया था चीनी स्‍पेस एजेंसी ने तियांगोंग-1 पर से लांचिंग के पांच वर्ष बाद  सेवाएं बंद करने के कुछ महीनों बाद ही नियंत्रण खो दिया था इसके बाद वैज्ञानिकों ने 2017 के आखिर में इसके धरती के वातावरण में प्रवेश करके जलकर नष्‍ट होने की आंशका जताई थी

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