Friday , September 21 2018
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SC/ST एक्ट पर आज हिंदुस्तान बंद, सरकार की पुनर्विचार याचिका

सुप्रीम न्यायालय के आदेशों को लेकर अब सरकार सोमवार को SC/ST एक्ट पर विपक्ष  सांसदों के विरोध के बाद पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम न्यायालय के हालिया निर्णय को लेकर केंद्र गवर्नमेंट को आलोचना का सामना करना पड़ा है इस मुद्दे पर विपक्ष ने गवर्नमेंट को लगातार निशाना बनाया, वहीं एनडीए के दलित  आदिवासी सांसदों ने भी पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस मामले में कदम उठाने की विनती की थी इस बीच, दलित  आदिवासी संगठनों ने 2 अप्रैल 2018 को हिंदुस्तान बंद का आह्वान कर दिया सुप्रीम न्यायालय के निर्णय को लेकर दलित समाज में बढ़ती नाराजगी को देखते हुए आखिरकार केंद्र गवर्नमेंट को शीर्ष न्यायालय में उसके निर्णय के विरूद्ध पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की घोषणा करनी पड़ी

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केंद्रीय विधि मंत्रालय ने अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार अधिनियम पर सुप्रीम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने को मंजूरी दे दी है इधर, हिंदुस्तान बंद का कुछ सियासी दलों ने समर्थन किया है राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर बंद का समर्थन किया है दलित समुदाय के कई कर्मचारी संगठनों ने सोमवार को बंद में शामिल होने की घोषणा की है महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, यूपी  दिल्ली में बंद में शामिल होने की दलित संगठनों ने अपील की है शायद यही वजह रही कि केंद्र गवर्नमेंट को पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय करना पड़ा है बता दें कि सुप्रीम न्यायालय ने एक आदेश में एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसके तहत मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की स्थान शुरुआती जांच की बात कही है

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भारत बंद को लेकर दलित  आदिवासी संगठनों के मुखर होते देख रविवार देर शाम को केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद को आपाधापी में ट्वीट कर यह ऐलान करना पड़ा कि गवर्नमेंट सुप्रीम न्यायालय के निर्णय के विरूद्ध सोमवार को पुनर्विचार याचिका दायर करेगी सूत्रों के मुताबिक सामाजिक न्याय  आधिकारिता मंत्रालय की ओर से दायर किए जाने वाली याचिका में दलील दी जा सकती है कि शीर्ष न्यायालय के निर्णय से एससी एसटी एक्ट 1989 के प्रावधान निर्बल हो जाएंगे याचिका में गवर्नमेंट यह भी दलील दे सकती है कि न्यायालय के इस आदेश से समाज के शक्तिशाली लोगों में कानून का डर समाप्त हो जाएगा

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