Friday , November 16 2018
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कोर्ट के निर्णय के विरोध में आज हिंदुस्तान बंद ,रेल पटरियों पर जमा हुए लोग

अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार समाधान अधिनियम (एसएसी/एसटी एक्ट) को लेकर आए सुप्रीम न्यायालय के हालिया निर्णय के विरोध में दलित  आदिवासी संगठनों ने देशभर में आज हिंदुस्तान बंद का एलान किया है. दलित संगठन से जुडे लोग स्थान जगह इक्ठ्ठे होना प्रारम्भ भी गए हैं. सोमवार तड़के उड़ीसा के संभलपुर में रेल पटरियों पर जमा हो गए  ट्रेनों की आवाजाही रोक दी.

Image result for SC/ST एक्ट: न्यायालय के निर्णय के विरोध में आज हिंदुस्तान बंद, रेल पटरियों पर जमा हुए लोग, बस व इंटरनेट पर रोक

एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम न्यायालय के ताजा निर्णय के बाद दलित संगठनों के दो अप्रैल को हिंदुस्तान बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है. पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय और बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं. सरकारी और प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल और डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं.

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कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अलावा जवानों को फील्ड में उतारा गया है. सुरक्षा बलों ने आज एहतियात के तौर पर राज्य के कुछ हिस्सों में फ्लैग मार्च निकाला. गवर्नमेंट ने तीन अप्रैल तक कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है. CM अमरिंदर सिंह ने राज्य के लोगों खासकर अनुसूचित जाति के सदस्यों से संयम बरतने  कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.

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बंद के दौरान सोमवार को बंद के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस के साथ रिजर्व फोर्स  पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात कर दिया है. सुरक्षा बल जिलों में लगातार फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं. पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बोला है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी  हर मूल्य पर कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी. पंजाब में बंद को सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के सांसदों और विधायकों ने बंद को समर्थन दिया है.

सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी

केन्द्र गवर्नमेंट सुप्रीम न्यायालय में आज एक पुनर्विचार याचिका दायर कर एससी-एसटी के कथित उत्पीड़न को लेकर तुरंत होने वाली गिरफ्तारी  मामले दर्ज किए जाने को प्रतिबंधित करने के सुप्रीम न्यायालय के आदेश को चुनौती देगी. सरकारी सूत्रों ने बताया कि सामाजिक न्याय  आधिकारिता मंत्रालय द्वारा दाखिल किए जाने वाली इस याचिका में यह तर्क दिया जा सकता है कि न्यायालय के निर्णय से एससी  एसटी एक्ट 1989 के प्रावधान निर्बल हो जाएंगे. याचिका में गवर्नमेंट यह भी तर्क दे सकती है कि न्यायालय के मौजूदा आदेश से लोगों में कानून का डर समाप्त होगा  इस मामले में  ज्यादा कानून का उल्लंघन हो सकता है.

क्या है सुप्रीम न्यायालय का फैसला

हाल ही में सुप्रीम न्यायालय ने एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का निर्णय किया था.न्यायालय ने बोला था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की स्थान शुरुआती जांच हो. न्यायालय ने बोला था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का ऑफिसर पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा  साथ ही सुप्रीम न्यायालय ने ये भी बोला था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है.

राजद, सपा, कांग्रेस पार्टी  शरद का समर्थन

सोमवार को बुलाए गए हिंदुस्तान बंद को बिहार में राजद, सपा, कांग्रेस पार्टी  शरद यादव का समर्थन मिला है.दलित संगठनों ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति प्रयत्न मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत हिंदुस्तानबंद का समर्थन किया है.

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