Wednesday , November 14 2018
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आधार के जरिये भ्रष्टाचारियों पर लगाम की कोशिश

सीवीसी ने रविवार को बोला कि विभिन्न प्रकार के वित्तीय लेनदेन  संपत्ति सौदों के लिए आधार कार्ड जरूरी है, ऐसे में इसका प्रयोग भ्रष्ट अधिकारियों की गैरकानूनी कमाई का पता लगाने के लिए किया जा सकता है सीवीसी को उम्मीद है कि किसी आदमी के स्थायी खाता संख्या (पैन)  आधार कार्ड के जरिये यह जानने में मदद मिल सकती है कि कार्डधारक द्वारा किया गया वित्तीय सौदा उसकी आमदनी के दायरे में है या नहीं

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केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी ने बताया कि हमने अवधारणा लेटर तैयार किया है जिसके पीछे किसी तरह का ऑपरेटिंग प्रॉसेस बनाने या संभव हो सके तो सॉफ्टवेयर तैयार करने का विचार है जिससे अगर हम किसी आदमी की जांच का निर्णय करते हैं तो हम अन्य विभागों के साथ बिना किसी अड़चन के संपर्क कर सकें  आधार का प्रयोग कर आवश्यक जानकारी जुटा सकें पीएम नरेंद्र मोदी की करप्शन मुक्त हिंदुस्तान की सोच के अनुरूप करप्शन को पूरी तरह खत्म करने की प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने बोला कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में व्यक्तियों या ऑडिटरों की किरदार जैसे मानवीय पहलुओं को देखने के बाद जांच के जरिये किसी तरह की गड़बड़ी करने या उसे छिपाने के लिए प्रौद्योगिकी का कैसे प्रयोग हुआ है उन्होंने बोला कि इसके लिए किसी तरह के साफ्टवेयर की तैयारियों, मानक परिचालन प्रक्रियाओं (स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर)  संभवत: कुछ मंजूरियों की आवश्यकता होगी, इसकी तैयारी चल रही है

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के वी चौधरी ने बोला कि अचल संपत्तियों  शेयरों से संबंधित वित्तीय लेनदेन के आंकड़े इनकम टैक्स विभाग प्राधिकरण, पंजीकरण विभागों या वित्तीय आसूचना इकाई (एफआईयू)  अन्य सरकारी एजेंसियों के कार्यक्षेत्र में उपलब्ध हैं उन्होंने बोला कि आधार को कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए जरूरी कर दिया गया है, ऐसे में सीवीसी कुछ केंद्रीयकृत एजेंसियों से आंकड़े जुटाने की स्थिति में है इन सूचनाओं के जरिये यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित आदमी ने कोई लेनदेन किस उद्देश्य से किया है, साथ ही इससे आय से अधिक संपत्ति का भी पता लगाया जा सकता है

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