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2030 तक चांद व अंतरिक्ष में बनी कॉलोनी में रहेगा इंसान!

नई दिल्ली : प्रदूषण, पानी, सड़क, जाम  एक अच्छे घर की तलाश, ना जानें कितनी ही परेशानियां हैं जो हम लोगों को प्रतिदिन घेरे रखती है पर जापान की पहली अंतरिक्ष यात्री मुकाई की मानें तो यह सारी परेशानियां धरती पर बस कुछ  दिन ही रहने वाली हैं

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स्पेस में कॉलोनी बनाने की तैयारी
500 घंटे से ज्यादा अंतरिक्ष में बिता चुकी चिआकी मुकाई स्पेस में क़ॉलोनी बनाने के प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही हैं 30 सदस्यों वाली यह टीम टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस की हाई-टेक लैब में इन दिनों इस बात की स्ट्डी कर रही है कि आखिरकार भविष्य में एक इंसान को चांद  मंगल पर कैसे जिंदा रखा जाए इतना ही नहीं मुकाई भविष्य में स्पेस में एक कॉलोनी के निर्माण पर कार्य कर रही है

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मुकाई का कहना है, ‘हम सब लोगों के लिए धरती अब छोटी पड़ने लगी है, इसलिए महत्वपूर्ण है कि किसी ऐसे गृह की तलाश की जाए जहां पर इंसान सरलता से रह सके उन्होंने बोला कि अंतरिक्ष में ज़िंदगी की संभावनाओं को खंगालने का चरण अब नए दौर में पहुंच चुका है

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2030 तक चंद्रमा में कॉलोनी
मुकाई ने दावा किया है कि वर्ष 2030 तक चंद्रमा पर कॉलोनी स्थापित की जा सकेगी इसके साथ की उनकी टीम ने अंतरिक्ष में भोजन बनाने  फसल पैदा करने का नया तरीखा करने की प्रयास पर जोर दिया जा रहा है उन्होंने बोला कि इस प्रक्रिया के लिए एक खारे सॉल्यूशन में हाई वोल्टेज बिजली सप्लाई कर तरल प्लाज्मा तैयार किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल खाने की चीजें पैदा करने के लिए किया जा सकेगा

कॉलोनी में लगेगा एक खास तरह का सेंसरमुकाई का कहना है कि उनके रिसर्चरों ने थर्मोइलेक्ट्रिक सेंसर्स का प्रयोग कर बिजली पैदा करने के लिए एक खास सिस्टम तैयार किया है इस सिस्टम का साइज एक आईपॉड नैनो के बराबर होगा उन्होंने यह भी बताया कि इस सेंसर को इस कॉलोनी में सरलता से लगाया जा सकेगा उन्होंने बोला कि पूरे स्पेस कॉलोनी में आवश्यकता के हिसाब से ही कॉलोनी बनाई जा सकेगी उन्होंने यह भी बताया कि स्पेस में इंसान को बसाया जा सके  वहां पर सरलता से फसल को पैदा किया जा सके, इसलिए मसलन रिसर्चर खाद्य उत्पादन की ऐसी तकनीक पर कार्य कर रहे हैं जिसमें मिट्टी की जरूरत नहीं होगी

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