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PoK को हम वापस नहीं ले सकते: फारूक अब्‍दुल्‍ला

नई दिल्ली: नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्‍दुल्‍ला ने बोला कि कश्‍मीर समस्‍या का हल जरूर निकलेगा लेकिन यह कब निकलेगा, यह सिर्फ परवरदिगार का पता है इसके साथ ही उन्‍होंने बोला कि हम PoK को वापस नहीं ले सकते कश्‍मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ बंद नहीं हो सकती अमन  शांति के लिए हिंदुस्तान  पाकिस्‍तान के बीच वार्ता ही एकमात्र रास्‍ता है बिना वार्ता के कश्‍मीर में अमन नहीं होगा इस वार्ता से ही घुसपैठ रोकी जा सकती है हालांकि यह भी बोला कि कश्‍मीर, हिंदुस्तान का अभिन्‍न अंग है  रहेगा

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इससे पहले  में भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, सांसद अमर सिंह केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी मेहमान बनें और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात कही

मुख्तार अब्बास नकवी
अल्संख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा, लंबे समय से भाजपा के विरूद्धदुष्‍प्रचार का माहौल रहा है हमारे विकास का मसौदा वोट का सौदा नहीं है हमने विकास एजुकेशन के मामले में किसी से भेदभाव नहीं किया उन्‍होंने कहा, हम बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं अगर आप शासक, हाकिम बने हैं तो आपके विकास का एजेंडा उस जरूरतमंद के लिए होना चाहिए, जिसे उसकी आवश्यकता है जब मोदी जी गवर्नमेंट में आए तो सरकारी नौकरियों में 4.5 फीसदी मुसिलम थे हमने पिछले दो वर्षों में फ्री कोचिंग शुरु की, जिसके चलते  126 से ज्‍यादा बच्‍चे यूपीएसी एग्‍जाम में पास हुए जोकि अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के थेमुस्लिम स्त्रियों को चुनाव में टिकट जरूर मिलने चाहिए

मैंने बच्चन परिवार के लिए जो भी किया वो अपने लिए किया: अमर सिंह
राज्‍यसभा सांसद अमर सिंह ने #ZeeIndiaConclave में बोलते हुए बोला कि 1996 से लेकर 2009 तक लगातार सुर्खियों में रहा 2009 में पहली बार पता चला कि दोनों किडनी बेकार हो गई हैं तो डॉक्‍टरों ने बोला कि मेरा बचना कठिन है उस दौर में मुझे अपनों के बारे में भी पता चला क्‍योंकि बारी-बारी से सबने धोखा दिया इन सबके बावजूद ज़िंदगी के अर्थ को समझते हुए अपनी जिजीविषा की बदौलत आपके समक्ष हूं अब मैं गुजरे वक्‍त  भविष्‍य के बारे में नहीं सोचता मुझे वफादारी का कभी लाभ नहीं मिला उन्‍होंने शायराना अंदाज में कहा, ‘अपनों ने प्‍यार से, गैरों ने मक्‍कारी से, हमको तो सबने लुटा है बारी-बारी से’

गोरखपुर  फूलपुर में सपा की जीत पर बोला कि दो सीटों पर जीतने से बहुत खुश नहीं होना चाहिएभाजपा के बारे में बोलते हुए बोला कि त्रिपुरा में तो मैंने भी नहीं सोचा था कि यहां भाजपा जीतेगीमुझे समझ में नहीं आ रहा कि राष्ट्र में क्‍या हो रहा है मुलायम सिंह के बारे में बोला कि मैं अब भी उनके साथ हूं लेकिन साथ ही जोड़ा कि अब बाप-बेटे (मुलायम-अखिलेश) के बीच में नहीं पड़ना चाहता क्‍योंकि भतीजे को लगता है कि मैं पिता के कान भरता हूं हालांकि मुलायम सिंह ने कभी मुझे बाहर नहीं निकाला पहली बार आजम खां  रामगोपाल यादव ने हमें निकलवाया दूसरी बार अखिलेश ने हमें बाहरी बताया मैंने होली के दिन भी मुलायम सिंह से बात नहीं की, ताकि अखिलेश यह ना कह दें कि मैंने उन्‍हें कुछ सिखा दिया

अमिताभ बच्‍चन अस्‍वस्‍थ हैं, मैं उनके अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य की कामना करता हूं पूरा राष्ट्र जानता है कि मैंने बच्‍चन परिवार से कुछ लिया नहीं न मैंने उन पर कोई उपकार किया बस केवल स्‍वीकृति चाहता हूं जया बच्‍चन को नरेश अग्रवाल ने नाचने वाली कह दिया, इसका मैं विरोध करता हूं

रविशंकर प्रसाद
गोरखपुर  फूलपुर उपचुनावों में भाजपा की पराजय पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद प्रसाद ने बोलाकि गोरखपुर में पराजय का हमें दुख है इसका आत्‍म निरीक्षण किया जाएगा लेकिन इसके साथ ही बोला कि उपचुनावों को किसी प्रकार का ट्रेंड नहीं समझना चाहिए इससे पहले कई बार सत्‍ताधारी दल उपचुनावों में पराजय जाते हैं, लेकिन आम चुनावों में स्थिति भिन्‍न होती है ऐसे में कहना चाहते हैं कि उपचुनाव के नतीजे विपक्ष को मुबारक हों लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में अगला आम चुनाव हम फिर जीतेंगे

रविशंकर प्रसाद ने बोला कि 2जी निर्णय पर रिएक्शन देते हुए बोला कि यह निर्णय पूरी तरह से गलत है संबंधित जज ने कई सबूतों को नजरअंदाज किया है मैंने 1500 पेज के उस जजमेंट को पढ़ा है हम इसके विरूद्ध अपील करेंगे

रविशंकर प्रसाद ने उपचुनावों की पराजय के बाद सपा-बसपा साझेदारी बनने की आसार पर कटाक्ष करते हुए बोला कि पिछले वर्ष भी उत्तर प्रदेश में दो लड़के (अखिलेश यादव-राहुल गांधी) भी मिले थे, उसका हश्र क्‍या हुआ? सभी जानते हैं अब सपा-बसपा साझेदारी की बात पर मैं यह कहना चाहता हूं कि इसमें नेता कौन होगा? पहले उनको यह बताना होगा ऐसा इसलिए भी क्‍योंकि समाजवादियों के बारे में मेरी एक राय है कि ये एक वर्ष से अधिक साथ नहीं रह सकते  दो वर्ष से अधिक अलग नहीं रह सकते

क्या अखिलेश बनेंगे साझेदारी के सुल्तान?
में गोरखपुर  फूलपुर उपचुनावों में भाजपा की पराजय पर बोलते हुए सपा नेता ऐसे में सपा की जीत में हमारा कोई सहयोग नहीं है, खुद भाजपा अपने कारनामों की वजह से हारी है हालांकि उन्‍होंने यह भी बोला कि बीएसपी का महत्‍वपूर्ण योगदान इस जीत में जरूर रहाउन्‍होंने बोला कि भाजपा को तो पकौड़ा पॉलिटिक्‍स ने हराया है हालां‍कि जब जी मीडिया के संपादक सुधीर चौधरी ने पूछा कि जब 2017 में आप सत्‍ता से बाहर हुए थे तो कई लोगों ने आपके सियासत में हाशिए पर जाने की बात कही थी समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने में बोला कि ‘हमारे लिए पॉलिटिक्स में उतार-चढ़ाव नए नहीं हैं 2012 से 17 तक हमको बहुत ज्यादा कार्य करने का मौका मिला 17 में किन्‍हीं कारणों से हम सत्‍ता में नहीं लौट पाए जिस तरह की पॉलिटिक्स को भाजपा ने चुना, उसकी वजह से समाजवादी लोग हारे  हमारी गवर्नमेंट नहीं बन पाई ‘

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दोनों दलों के साझेदारी के सवाल पर अखिलेश ने बोला कि कभी-कभी दूसरों से भी सीखना चाहिएहमने तो भाजपा से भी सीखा भाजपा ने धर्म के आधार पर सबसे ज्‍यादा पॉलिटिक्स की है हम समाजवादी लोग कभी विकास का रास्‍ता भूलने वाले नहीं हैं अगर भाजपा एथिक्‍स की बात करे तो बेहद अच्‍छी बात है अखिलेश यादव ने बोला कि भाजपा हमें एथिक्‍स न सिखाए भाजपा को पकौड़ा पॉलिटिक्स ने हरा दिया हमने चाय पर नहीं सच्‍चाई पर बात कर दी, इसलिए हम जीत गए अब तो मन करता है कि अगर हम कहीं से निकले  पता चल जाए कि सामने खड़ा शख्‍स भाजपाई है तो हम तो तुरंत उसके सामने लाल टोपी पहन लें अखिलेश ने बोला कि, मैंने मायावती को बुआ की तरह सम्‍मान दिया हम चाहते हैं कि रिश्‍ते बने रहें हम उत्‍तरप्रदेश की पॉलिटिक्स में ज्‍यादा रूचि ले रहे हैं, राष्ट्र की नहीं उत्तर प्रदेश उपचुनाव की बात करें तो हमारी पार्टी पिछले बहुत ज्यादा समय से जमीनी स्‍तर पर कार्य कर रही थी जनता ने समाजवादियों की मदद की, क्‍योंकि हमने उन्‍हें मदद की थी

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सीएम योगी आदित्‍यनाथ की कार्यशैली पर जब अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया तो उन्‍होंने चुटकी लेते हुए बोला कि योगी जी की गति बहुत तेज है यदि इसी तरह से वह चलते रहे तो जल्‍द ही पीएम मोदी को ओवरटेक कर जाएंगे हम तो चाहते हैं कि वह इसी तरह चलते रहें ताकि हमको भी आशीर्वाद मिलता रहे हालांकि हारने के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी की भाषा बदल गई है उसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि समाजवादियों ने भाजपा के झूठ को पकड़ लिया है

आंकड़ों का हवाला देते हुए जी मीडिया के संपादक सुधीर चौधरी ने जब पूछा कि यदि 2019 में सपा-बसपा एक साथ आ जाएं तो भाजपा को 50 सीटों का नुकसान हो सकता है ऐसे में आप क्‍या तीसरे मोर्चे की संकल्‍पना को देख रहे हैं? क्‍या उसकी अगुआई के लिए तैयार हैं? इस पर अखिलेश ने बोलाकि वह इतने ऊंचे सपने नहीं देखते वह फिल्हाल उत्तर प्रदेश की सियासत में ही मशरूफ हैं इससे ज्‍यादा कुछ नहीं सोच रहे हैं

जब उनसे सवाल पूछा गया कि अब दो उपचुनावों को जीतने के बाद आप ईवीएम पर दोष देना तो बंद कर देंगे तो अखिलेश ने बोला कि जहां तक ईवीएम का सवाल है तो मेरा यह कहना है कि जब ईवीएम में खराबी आती है तो उसको अच्छा किया जा सकता है, इसी तरह यदि यह अच्छा है तो उसको बेकारभी किया जा सकता है

अखिलेश यादव से यह भी पूछा गया कि आपने पहले बोला था कि पिता मुलायम सिंह यादव से आपने केवल 300 दिनों के लिए अध्‍यक्ष की कुर्सी ली है  तय समय के बाद आप उनको यह पद लौटा देंगे? इस पर अखिलेश ने मुस्‍कुराते हुए बोला कि मुलायम सिंह ने अब मुझे आशीर्वाद दे दिया है वह अब त्‍याग के रास्‍ते पर हैं सत्‍ता जाने के बाद अब नेताजी नाराज भी नहीं होते हैं

सुब्रमण्यम स्वामी Vs असदुद्दीन ओवैसी
जी इंडिया कांक्‍लेव के पहले सेशन में जब जी मीडिया के संपादक सुधीर चौधरी ने उत्तर प्रदेशउपचुनावों के नतीजों के बारे में भाजपा नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी से पहली रिएक्शन मांगी तो उन्‍होंने बड़ा बयान देते हुए बोला कि दरअसल उत्तर प्रदेश उपचुनावों में जो प्रत्‍याशी मैदान में थे, वे मुख्यमंत्री योगी की पसंद के नहीं थे दूसरी बात उन्‍होंने यह कही कि वह उत्तर प्रदेश के उपचुनावों के नतीजों को गंभीरता से नहीं लेते आंध्र प्रदेश में तेलुगु देसम पार्टी के गवर्नमेंट से अलग होने  संसद में अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाने पर बोलते हुए बोला कि उनको ज्‍यादा दलों का समर्थन नहीं मिलेगा यहां तक कि भले ही शिवसेना ने अगले चुनावों में एनडीए का साथ छोड़ने की बात कही हो लेकिन वह टीडीपी को समर्थन कभी नहीं देगी इसके साथ ही असदुद्दीन ओवैसी ने बोला कि राष्ट्र में केवल हिंदू वोट बैंक है, मुस्लिम वोटबैंक नहीं है धर्म-जाति के नाम पर चुनाव होते रहे हैं पॉलिटिक्स में हर समुदाय को तवज्‍जो मिलनी चाहिए कांग्रेस, भाजपा ने मुसलमानों का साथ नहीं दिया

इसके साथ ही ओवैसी ने मुसलमानों के लिए आरक्षण की वकालत करते हुए बोला कि दलितों पर अब भी अत्‍याचार हो रहे हैं इसी तरह के अत्‍याचार मुस्लिमों पर हो रहे हैं लिहाजा मुस्लिमों को भी आरक्षण मिलना चाहिए इसकी मुखालफत करते हुए स्‍वामी ने बोला कि मुस्लिम समुदाय को आरक्षण की नहीं बल्कि सकारात्‍मक प्रोत्‍साहन की आवश्यकता है साथ ही जोड़ा मुस्लिमों ने 800 वर्ष तक राष्ट्र में राज किया है, ऐसी कौम को कभी आरक्षण नहीं मिलना चाहिए ओवैसी ने बोला कि संविधान में इसकी व्‍यवस्‍था की गई है, लिहाजा हम इस हक को लड़कर लेंगे

अररिया उपचुनाव में राजद प्रत्‍याशी के जीतने पर पाकिस्‍तान समर्थक नारे लगाए जाने संबंधी सवाल पर असदुद्दीन ओवैसी ने बोला कि इस तरह की वीडियो की जांच होनी चाहिए राष्ट्र विरोधी नारे लगाने वालों को अरैस्ट किया जाना चाहिए हालांकि तंज कसते हुए बोला कि जेएनयू में भी इस तरह के नारे लगाए जाने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा उन्‍होंने सवालिया लहजे में बोला कि आखिर मुसलमानों पर संदेह क्‍यों किया जाता है? उन्‍होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए बोला कि यह पार्टी नहीं चाहती कि मुसलमान मुख्‍यधारा में आए आखिर भाजपाकी तरफ से कोई मुस्लिम सांसद क्‍यों नहीं है? इस पर स्‍वामी ने बोला कि भाजपा ने गलती ये की है कि उसने केवल मुस्लिम मर्दों को टिकट दिया इस पर कटाक्ष करते हुए ओवैसी ने बोला कि 2जी मामले में तो आप इंसाफ दिला नहीं सके तो मुस्लिम स्त्रियों को तीन तलाक कानून के माध्‍यम से कैसे इंसाफ दिलाएंगे? इस पर स्‍वामी ने बोला कि 90 फीसदी मुस्लिम महिलाएं ट्रिपल तलाक बिल का समर्थन करती हैं

जब संपादक सुधीर चौधरी ने बोला कि सिनेमा  खेल में तो मुस्लिम एक्‍टर  खिलाडि़यों को बेहद सम्‍मान मिलता है सुपरस्‍टार खान तिकड़ी का तो दबदबा है  मुस्लिम क्रिकेट खिलाड़ी तो इंडियनक्रिकेट टीम के कप्‍तान तक रहे हैं तो उनको वहां तो सम्‍मान मिलता है तो आप उसके बाहर उनके साथ भेदभाव की बात किस आधार पर करते हैं? इस पर ओवैसी ने बोला कि दरअसल पुलिस समाज के भीतर मुस्लिमों के साथ भेदभाव किया जाता है, इसलिए हम सामाजिक भेदभाव की बात कहते हैं

उल्‍लेखनीय है कि राष्ट्र का दिग्‍गज जी मीडिया समूह शनिवार (17 मार्च) को बदलते हिंदुस्तान उसके मिजाज को समझने के लिए  का आयोजन कर रहा है राष्ट्र के इस सबसे बड़े सम्‍मेलन में सामयिक विषय पर राजनीतिक जगत की दिग्‍गज हस्तियां अपने विचारों को पेश करेंगे इसी कड़ी में गवर्नमेंट के नुमाइंदे बताएंगे कि हिंदुस्तान कैसे बदल रहा है? परिवर्तन की नब्‍ज पकड़ने वाले फैक्‍टर क्‍या हैं? बदलते हिंदुस्तान की धड़कन को हम कैसे महसूस कर सकते हैं? इसके साथ ही विपक्षी दलों के नेता मौजूदा गवर्नमेंट के कामकाज पर अपनी राय रखेंगे  खामियों को गिनाएंगे वे इस तरह जनता की आवाज को जी नेटवर्क के मंच से गवर्नमेंट तक पहुंचाएंगे

 

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