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भारत ने दक्षिण अफ्रीका में 26 वर्ष बाद जीती पहली वनडे सीरीज

भारत ने दक्षिण अफ्रीका में 26 वर्ष बाद पहली वनडे सीरीज जीती है। इससे पहले हिंदुस्तान वहां की सरजमीं पर 6 वनडे सीरीज पराजय चुका है। इस लिहाज से इतिहास के पन्‍नों में हिंदुस्तान का यह दौरा सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। ऐतिहासिक रूप से हिंदुस्तान का दक्षिण अफ्रीका से पुराना नाता रहा है। अंग्रेजी राज के दौर में गिरमिटिया लोग यहां से वहां गए। उस दौर में सबसे चर्चित नाम महात्‍मा गांधी का है। महात्‍मा गांधी वहां 21 सालों तक रहे। वहां की रंगभेदी अंग्रेजी हुकूमत के विरूद्ध सबसे पहले सविनय अवज्ञा जैसे आंदोलनों का इस्तेमाल किया। ये आंदोलन वहां के हिंदुस्तानियों की दारुण हालात को सुधारने का कोशिश था।Image result for भारत ने दक्षिण अफ्रीका में 26 वर्ष बाद जीती पहली वनडे सीरीज

महात्‍मा गांधी
वकालत के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका पहुंचे एडवोकेट मोहनदास करमचंद गांधी के महात्‍मा गांधी बनने का सफर दक्षिण अफ्रीका से ही प्रारम्भ होता है। वहां उनको पहली बार रंगभेद का दंश तब सहना पड़ा, जब उनको ट्रेन में सफर के दौरान फर्स्‍ट क्‍लास डिब्‍बे से एक स्‍टेशन पर उतार दिया गया। उस स्‍टेशन का नाम पीटरमैरिट्जबर्ग था। सात जून, 1893 की रात जब महात्‍मा गांधी प्रिटोरिया जा रहे थे तो एक गोरे अंग्रेज ने फर्स्‍ट क्‍लास में उनकी उपस्थिति का विरोध किया। फर्स्‍ट क्‍लास टिकट होने के बावजूद कंडक्‍टर ने भी उनसे डिब्‍बे से उतरकर तीसरे दर्जे में सफर करने के लिए कहा। उन्‍होंने विरोध किया व उनको पीटरमैरिट्जबर्ग स्‍टेशन पर उतार दिया गया। सर्दियों की वह रात उन्‍होंने वेटिंग रूम में गुजारी व अंग्रेजों की रंगभेदी नीति का विरोध करने का फैसला किया। इसी कड़ी में उन्‍होंने सत्‍याग्रह व सविनय अवज्ञा आंदोलन वहां प्रारम्भ किए। दो दशकों के अपने प्रवास के दौरान उनके संघर्षों का ही नतीजा था कि अंग्रेजों को इंडियन समुदाय के लिए कई रियायतें देनी पड़ीं।

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2003 में दक्षिण अफ्रीका, केन्‍या व जिम्‍बाब्‍वे में क्रिकेट विश्‍व कप का आयोजन किया गया। उस दौरान महात्‍मा गांधी के प्रयत्न व सहयोग के लिए पीटरमैरिट्जबर्ग में तत्‍कालीन इंडियन कप्‍तान सौरव गांगुली ने उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।

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नेल्‍सन मंडेला
महात्‍मा गांधी के 1915 में हिंदुस्तान आने के बाद भी वहां के इंडियन समुदाय ने रंगभेद के विरूद्ध आंदोलन जारी रखा। इसके विरूद्ध प्रयत्न करने वाली अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस व उसके नेता नेल्‍सन मंडेला को समर्थन करती रही। नेल्‍सन मंडेला ने गांधी को अपनी प्रेरणा मानते हुए उनकी राजनीतिक विरासत को अपनाते हुए प्रयत्न किया। इस प्रयत्न में उनको 27 वर्ष कारागार में बिताने पड़े लेकिन पराजय नहीं मानी। इसी का नतीजा था कि 1994 में दक्षिण अफ्रीका, अंग्रेजों की गुलामी से मुक्‍त हुआ व नेल्‍सन मंडेला रंगभेद से मुक्‍त आजाद दक्षिण अफ्रीका के पहले राष्‍ट्रपति बने। गांधीवादी विचारों को आगे बढ़ाने वाले नेल्‍सन मंडेला को हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने महात्‍मा गांधी शांति पुरस्‍कार व हिंदुस्तान रत्‍न से नवाजा।

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भारत-दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट संबंध
1994 में दोनों राष्ट्रों के बीच राजनयिक संबंध स्‍थापित हुए। रंगभेद खत्‍म होने के बाद 1970 से दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम पर लगी अंतरराष्‍ट्रीय पाबंदी भी खत्‍म हो गई। दोनों राष्ट्रों ने क्रिकेट संबंधों को विकसित करने का निर्णय किया। इसके अतिरिक्त ये दोनों ही राष्ट्र राष्‍ट्रमंडल राष्ट्रों व क्षेत्रीय समूह BRICS के सदस्‍य हैं।

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