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देश की शीर्ष न्यायालय ने मोदी गवर्नमेंट से किया सवाल

नई दिल्ली : देश की शीर्ष न्यायालय ने मोदी गवर्नमेंट से सवाल किया है कि जब कोई क्रिमिनल चुनाव नहीं लड़ सकता, तो वह किसी भी पार्टी का प्रमुख कैसे बन सकता है? चीफ Image result for देश की शीर्ष न्यायालय ने मोदी गवर्नमेंट से किया सवालजस्टिस दीपक मिश्रा ने इसे न्यायालय के निर्णय के विरूद्ध बताते हुए केंद्र गवर्नमेंट से तीन हफ्ते में जवाब माँगा है।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों सुप्रीम न्यायालय सजायाफ्ता नेताओं के पार्टी प्रमुख बनने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा है। इस बारे में न्यायालय ने बोला कि जो खुद चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो चुका है, वह कैसे उम्मीदवार चुन सकता है। इस गंभीर मामले को न्यायालय ने अपने निर्णय के विरूद्ध मानते हुए केंद्र गवर्नमेंट से जवाब माँगा है। कोर्ट ने पहले आदेश दिया था कि चुनाव की शुद्धता के लिए पॉलिटिक्स में करप्शन का विरोध होना चाहिए।

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बता दें कि न्यायालय ने बोला कि यह स्कूल या हॉस्पिटल चलाने का मामला नहीं है। जब बात राष्ट्र का शासन चलाने की आती है, तो मामला अलग हो जाता है। कोर्ट ने स्पष्ट बोला कि सज़ा पाने वाला खुद चुनाव नहीं लड़ सकता लेकिन उसके पार्टी पदाधिकारी बने रहने या नयी पार्टी बनाने पर कोई रोक नहीं। एक क्रिमिनल ये तय करता है कि चुनाव में कौन लोग खड़े होंगे। कानून में ये बड़ी कमी है। इसके बाद गवर्नमेंट ने जवाब देने के लिए समय मांगा तो सुप्रीम न्यायालय ने तीन सप्ताह की मोहलत देते हुए 26 मार्च की अगली सुनवाई तक जवाब देने को कहा।

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