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11 बिल्डरों को नोटिस जारी करते हुए मांगा गया स्पष्टीकरण

नई दिल्ली: नोएडा में बिल्डरों द्वारा निवेशकों के पैसे प्रोजेक्ट में लगाने की स्थान उसे डायवर्ट किए जाने का मामला सामने आया है। ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी का खुलासा सामने आने के बाद संबंधित 11 बिल्डरों को नोटिस जारी करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया जा रहा है कि, प्राधिकरण द्वारा चिह्नित की गई एमएनसी कंपनी करी एंड ब्राउन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जरिए ये ऑडिट रिपोर्ट तैयार की गई हैImage result for 11 बिल्डरों को नोटिस जारी करते हुए मांगा गया स्पष्टीकरण

नोएडा में चल रहे 94 बिल्डर प्रोजेक्ट
नोएडा में करीब 94 बिल्डर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसमें हजारों निवेशकों ने पैसे लगाए हैं, जिनमें से कुछ ने घर की आस में अपनी जिंदगीभर की कमाई लगा दी है। पैसे जमा करने के बावजूद कई बिल्डर अभी तक लोगों को घर नहीं सौंप सके हैं। निवेशकों का आरोप है कि बिल्डर पैसों का गबन कर उसे दूसरे प्रोजेक्टों में लगा रहे हैं।

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सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश
परेशान लोग शासन और प्रशासन से बिल्डरों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें घर दिलाने की मांग कर रहे हैं। शिकायतें पहुंचने के बाद कई बिल्डर खुद को दिवालिया घोषित करने की प्रयास में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्शन लेते हुए बिल्डरों के खातों की जांच के आदेश दिए हैं।

1500 करोड़ की हेराफेरी
इसके तहत ऑडिट करवाया गया, जिसमें बिल्डरों द्वारा 1500 करोड़ रुपये की हेराफेरी किए जाने की बात सामने आई है। अभी करीब 11 बिल्डरों के 14 प्रोजेक्ट के तहत 36 हजार फ्लैट का ऑडिट किया गया है। कुछ अन्य बिल्डरों का ऑडिट किया जाना बाकी है।

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ऑडिट रिपोर्ट में बोला गया कि इन बिल्डरों ने प्रोजेक्ट का पैसा कहीं व डायवर्ट किया है। साथ ही इन 11 बिल्डरों ने प्राधिकरण की भी बकाया राशि अभी तक जमा नहीं की है।

रिपोर्ट सामने आने के बाद प्राधिकरण द्वारा बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में उन्हें एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए बोला गया है। जिन बिल्डरों को ये नोटिस जारी हुआ है उनमें, लॉजिक्स सिटी डेवलेपर्स प्रा। लि। , रेड फोर्ट जाहांगीर प्रोपर्टिज प्रा। लि, थ्री सी प्रोजेक्ट्स प्रा। लि। , ग्रेनाइट गेट प्रोपर्टीज प्रा। लि। आदि शामिल हैं।

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