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बीएसपी ने प्रारम्भ किया चुनावी अभियान

बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव से पहले जनाधार बढ़ाने के लिए भाईचारा आयोजनों को फिर से तेज करने का निर्णय किया है. पार्टी का फोकस अति पिछड़े, ब्राह्मण व मुसलमानों पर रहेगा. बीएसपी में इन वर्गों के वरिष्ठ नेता अपने-अपने समाज को पार्टी से जोड़ने के लिए अभियान प्रारम्भ करेंगे. प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने पीलीभीत से इसकी आरंभ भी कर दी है.Image result for बीएसपी ने प्रारम्भ किया चुनावी अभियान

दिल्ली से लौटने के बाद मायावती भविष्य में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव व लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं. उत्तर प्रदेश के जोन प्रभारियों और जिम्मेदार नेताओं की मीटिंग में शामिल एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बहनजी ने सर्वसमाज को जोड़ने का कार्य तेज करने का आदेश दिया है. इसके तहत पिछड़ों में उपजातियों के आधार पर लोगों को जोड़ने की रणनीति बनाई गई है.

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प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर, बीएसपी विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा, पूर्व एमएलसी आरएस कुशवाहा एवं वीरेंद्र चौहान जैसे प्रमुख नेता पिछड़े वर्गों को पार्टी और संगठन से जोड़ने के लिए काडर कैंप प्रारम्भ करेंगे. राजभर ने यह रणनीति तय होने के तत्काल बाद इस पर कार्य भी प्रारम्भ कर दिया है. रविवार को इसी मिशन के तहत पीलीभीत में उनके प्रोग्राम हुए.
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ये नेता जोड़ेंगे इन समुदायों को
इसी तरह ब्राह्मण समाज को जोड़ने के लिए राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र और अन्य प्रमुख ब्राह्मण नेता सक्रिय होंगे. मुस्लिम समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद मुनकाद अली, वरिष्ठ नेता नौशाद अली और शमसुद्दीन राईन आदि को सौंपी गई है.

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भाईचारा मुहिम में अलग-अलग वर्ग के नेताओं के साथ दलित नेताओं को भी साथ लिया गया है. इस नेता के मुताबिक संसद व विधानमंडल के बजट सत्र के बाद इस रणनीति पर अमल दिखने लगेगा.

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